This time, a triangular contest in Bihar? NDA vs. Grand Alliance vs. Jan Suraj. बिहार में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला? NDA vs महागठबंधन vs जन सुराज

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: त्रिकोणीय मुकाबले की ओर बढ़ता बिहार

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 इस बार कई कारणों से बेहद दिलचस्प और ऐतिहासिक माना जा रहा है। राज्य की राजनीति में पहली बार इतनी स्पष्टता के साथ कहा जा सकता है कि अब मुकाबला केवल दो नहीं, बल्कि तीन प्रमुख राजनीतिक मोर्चों के बीच है।
अब लड़ाई सिर्फ एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) और महागठबंधन (राजद, कांग्रेस और वाम दल) के बीच नहीं रह गई, बल्कि प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के आने से पूरा समीकरण बदल गया है।


एनडीए और महागठबंधन का पुराना द्वंद्व

पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति एनडीए और महागठबंधन के बीच ही बंटी रही है।
नीतीश कुमार के नेतृत्व में जदयू-भाजपा गठबंधन ने लंबे समय तक सत्ता संभाली, जबकि दूसरी ओर राजद, कांग्रेस और वाम दलों का महागठबंधन विपक्ष की भूमिका में रहा।

आगामी चुनाव में एनडीए एक बार फिर सत्ता कायम रखने की कोशिश में है, जबकि महागठबंधन तेजस्वी यादव के नेतृत्व में सरकार पर कब्जा करने की तैयारी कर रहा है।
तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया जा चुका है, वहीं भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर भरोसा कर रही है।
जदयू और भाजपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति भी लगभग बन चुकी है।

जन सुराज पार्टी: नया तीसरा मोर्चा

प्रशांत किशोर, जो कभी देशभर में एक सफल चुनावी रणनीतिकार के रूप में जाने जाते थे, अब बिहार की राजनीति में खुद मैदान में उतर चुके हैं।
उनकी जन सुराज पार्टी "जन भागीदारी" और "विकास आधारित राजनीति" पर केंद्रित है।
इस पार्टी का मुख्य फोकस जातीय समीकरणों की बजाय रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सुशासन पर है।

किशोर ने पिछले दो वर्षों में बिहार के लगभग हर जिले में व्यापक जनसंवाद किया है।
वे दावा करते हैं कि बिहार के लोग अब “नीतीश-लालू” के लंबे दौर से थक चुके हैं और एक नए विकल्प की तलाश में हैं।
जन सुराज ने 243 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है।

सीटवार समीकरण और दिलचस्प मुकाबले

इस चुनाव में कई सीटें बेहद रोचक बन गई हैं, जहां मुकाबला सीधा त्रिकोणीय हो गया है।

  • तरारी (भोजपुर) में बीजेपी के विशाल प्रशांत, भाकपा-माले के मदन चंद्रवंशी और जन सुराज के चंद्रशेखर सिंह के बीच जबरदस्त संघर्ष है।
    यह वही इलाका है जो पहले रणवीर सेना और माले संघर्षों के लिए जाना जाता था, लेकिन अब जनता का ध्यान पूरी तरह विकास और स्थानीय मुद्दों पर है।

  • मोकामा, दानापुर, और मसौढ़ी जैसी सीटों पर भी तीन-तरफा टक्कर देखने को मिल रही है।
    मोकामा में जदयू के अनंत सिंह, राजद की वीणा देवी और जन सुराज के पीयूष प्रियदर्शी के बीच सीधा मुकाबला है।
    दानापुर में राजद के रितलाल यादव, एनडीए के रामकृपाल यादव और जन सुराज के अखिलेश कुमार आमने-सामने हैं।

  • जमालपुर सीट भी काफी चर्चा में है। यहां जदयू से टिकट न मिलने पर पूर्व मंत्री शैलेश कुमार निर्दलीय उतर आए हैं, जबकि पार्टी ने उनके भतीजे नचिकेता मंडल को टिकट दिया है।
    इस सीट पर कांग्रेस और जन सुराज के उम्मीदवारों के आने से मुकाबला और पेचीदा हो गया है।

जातीय समीकरण और नए फैक्टर

बिहार का चुनाव जातीय समीकरणों से कभी पूरी तरह अलग नहीं रहा।
राजद अब भी यादव-मुस्लिम समीकरण पर भरोसा कर रही है, जबकि एनडीए ऊंची जातियों, कुर्मी और अतिपिछड़ा वर्ग को साधने में लगी है।
वहीं, जन सुराज इन पारंपरिक जातीय ध्रुवों से हटकर एक नए मतदाता वर्ग — युवाओं, बेरोजगारों और शहरी वोटरों को टारगेट कर रही है।

युवाओं के बीच रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर जन सुराज की पकड़ मजबूत होती दिख रही है।
बिहार के शहरी मतदाता अब बदलाव की उम्मीद से इस नए दल को देख रहे हैं।

त्रिकोणीय मुकाबले का असर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बार का त्रिकोणीय मुकाबला बिहार के राजनीतिक इतिहास को नया मोड़ दे सकता है।
अगर जन सुराज सीमित सीटें भी जीतती है, तो वह किंगमेकर की भूमिका निभा सकती है।
कुछ विश्लेषक यह भी कहते हैं कि जन सुराज की मौजूदगी महागठबंधन के वोट बैंक को प्रभावित कर सकती है, जिससे एनडीए को अप्रत्यक्ष लाभ हो सकता है।

बदलाव की ओर बढ़ता बिहार

2025 का बिहार विधानसभा चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का नहीं, बल्कि राजनीतिक सोच और दिशा परिवर्तन का चुनाव बन गया है।
जनता के सामने अब तीन विकल्प हैं —

  • एनडीए का “स्थायित्व और सुशासन” का वादा,

  • महागठबंधन का “सामाजिक न्याय और युवा नेतृत्व”,

  • और जन सुराज का “विकास और जन भागीदारी” का नया प्रयोग।

बिहार के मतदाताओं का फैसला इस बार न केवल नई सरकार बनाएगा, बल्कि आने वाले दशक की राजनीति की दिशा भी तय करेगा।

Please Select Embedded Mode To Show The Comment System.*

Previous Post Next Post